Bihar Festival: देश की राजधानी दिल्ली में बिहार महोत्सव की धूम होगी। इंद्रधनुषी रंगों से सराबोर इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए 20 जनवरी 2024 को एक बैठक का भी आयोजन किया जा रहा है। बैठक दिल्ली के सरिता बिहार में होने जा रही है।
Bihar Festival: बिहार लिटरेचर फेस्टिवल होगा मुख्य आकर्षण
इंफोपोस्ट न्यूज
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मोतिहारी, बिहार। Bihar Festival: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में फिर बिहार महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन समिति ने फैसला किया है कि अगले वर्ष मार्च में बिहार महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। बिहार महोत्सव के प्रणेता एवं केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के इज़ेडसीसी के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स में बिहार से सदस्य प्रसाद रत्नेश्वर ने बताया कि इंद्रप्रस्थ में इंद्रधनुषी रंगों से सराबोर बिहार महोत्सव आयोजन समिति की पहली बैठक अगले वर्ष 20 जनवरी को दिल्ली स्थित सरिता बिहार में होने जा रही है।
बैठक में तिथि, आयोजन-स्थल, अतिथि, कलाकारों, कवियों और दूसरे प्रतिभागियों को लेकर फैसला किया जाएगा। महोत्सव का आकर्षण बिहार लिटरेचर फेस्टिवल होगा। इसमें बिहार के लेखकों की प्रकाशित कृतियों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इस दौरान चुने हुए लेखक-पाठक के बीच संवाद होगा। पिछले आयोजन में बिहार के चार सौ लोक कलाकारों, केंद्रीय एवं बिहार सरकार के मंत्री, सांसद, दिल्ली-एनसीआर में निवास करने वाली विभिन्न क्षेत्रों की महत्वपूर्ण हस्तियों ने भाग लिया था।
क्यों मशहूर हुए मोतिहारी के प्रसाद रत्नेश्वर?
बता दें कि मोतिहारी के प्रसाद रत्नेश्वर मशहूर कवि, लेखक, पत्रकार और थिएटर आर्टिस्ट हैं। उन्हें 2017 में सेकेंड स्टेज का कैंसर हुआ। कैंसर जैसी बीमारी की चपेट में आने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। उसी की बदौलत वह आज एकदम स्वस्थ हैं। उन्हें इलाज के दौरान कई परेशानियों का सामना करना पड़ा।
पिछले 35 सालों से वह थिएटर से जुड़े हैं और 14 साल तक बिहार संगीत नाटक अकादमी के सदस्य भी रहे। उन्हें 2012 में प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार डॉ. अंबेडकर कला नेशनल अवॉर्ड भी मिल चुका है। वह तीन विषयों में एमए और पीएचडी भी कर चुके हैं। मुंबई की सड़कों पर पत्नी के साथ भटकते रहे। वह कहते हैं कि मुंबई में मेरा कोई जानकार नहीं था। मैं और मेरी पत्नी भटकते रहते। शुरुआत में एक बड़े हॉस्पिटल के डॉक्टर ने मेरा ऑपरेशन करने से इनकार कर दिया। फिर दूसरे अस्पताल में गए और वहां इलाज करवाया। उनका कहना है कि डाकू को अपने सारे पैसों की जानकारी दे दीजिए, लेकिन किसी डॉक्टर को मत दीजिए।


