इंफोपोस्ट डेस्क, नयी दिल्ली। Chandrayaan-3:
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!भारत का चंद्रयान—3 चांद पर भारत का तिरंगा लहराने के करीब है, वहीं रूस के चांद पर पहुंचने के अभियान को झटका लगता दिखाई दे रहा है। चांद पर पहुंचने के रूस के मिशन में बाधा आ गई है। रूस के लूना-25 स्पेसक्राफ्ट में तकनीकी खराबी आ गई है। आर्बिट को बदलने के दौरान आपातकालीन समस्या आ गई। परिणामस्वरूप आर्बिट को नहीं बदला जा सका। रूस की स्पेस एजेंसी की टीम स्थिति की समीक्षा कर रही है और तकनीकी खराबी को दूर करने में जुटी हुई है।
Chandrayaan-3: लूना-25 को 21 अगस्त को चांद पर लैंड करना है। तकनीकी खराबी को दूर नहीं किया गया तो रूस के अभियान को झटका लग सकता है। वैसे रूसी स्पेस एजेंसी ने तकनीकी खराबी के बारे में ज्यादा जानकारी साझा नहीं की है।
चंद्रयान-3 ने पार किया अहम पड़ाव
Chandrayaan-3:चांद पर भारत के चंद्रयान-3 की लैंडिंग के अब सिर्फ तीन दिन रह गए हैं। बीती रात 1 बजकर 50 मिनट पर चंद्रयान-3 ने एक अन्य अहम पड़ाव को पार किया। चंद्रयान-3 चांद से अब सिर्फ 25 किलोमीटर दूर है। रूस के मिशन मून को झटका जरूर लगा है लेकिन हिंदुस्तान का चंद्रयान-3 हर चुनौती को पार कर लगातार आगे बढ़ रहा है।

विक्रम लैंडर की डी-बूस्टिंग
Chandrayaan-3: विक्रम लैंडर की डी-बूस्टिंग की गई है। अर्थात चंद्रयान-3 की गति और धीमी करने में कामयाबी मिली है। दूसरी तरफ आखिरी डीबूस्टिंग ऑपरेशन ने एलएम ऑर्बिट को 25 किमी x 134 किमी तक कम कर दिया है। फिलहाल मॉड्यूल को इंटरनल जांच से गुजरना पड़ेगा और लैंडिंग प्लेस पर सूर्योदय का इंतजार करना पड़ेगा। 23 अगस्त की शाम को चंद्रयान चांद पर लैंड कर सकता है।




