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Corona’s Double Mutant Stein: जानें, कोरोना का डबल म्यूटेंट स्टेन क्या है?

April 14, 2021
Corona's Double Mutant Stein

Corona’s Double Mutant Stein: महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के नमूनों की जांच रिपोर्ट बताती है कि 20 प्रतिशत नमूने डबल म्यूटेशन वैरिएंट के पाए गए हैं। जिससे वहां संक्रमण तेजी से फैल रहा है। जानते हैं कि डबल म्यूटेशन वैरिएंट क्या है? और किस प्रकार वह पिछले वैरिएंट से ज्यादा खतरनाक है और तेजी से संक्रमण करता है?

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Corona’s Double Mutant Stein: कोरोना वायरस की नई पीढ़ी

श्रीकांत सिंह


नई दिल्ली। Corona’s Double Mutant Stein: जिस प्रकार मानव का पीढ़ी दर पीढ़ी विकास होता है, ठीक उसी प्रकार वायरस भी अपना विकास करता है। ताकि वह अधिक समय तक अपने अस्तित्व को बनाए रख सके। विशेषज्ञों की मानें, तो डबल म्यूटेशन वाले वायरस से इंफेक्शन तेजी से फैल सकता है।

दरअसल, डबल म्यूटेशन वाले वायरस की खासियत यह होती है कि वह हमारे इम्यून सिस्टम को भेद सकता है। कोरोना की पहली लहर को हमारे इम्यून सिस्टम ने ही परास्त किया था। उससे हम निश्चिंत हो गए थे। और कोरोना गाइड लाइन को दरकिनार कर दिया था। पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनावों ने आग में घी का काम किया।

कर्ज और मर्ज को कभी छोटा नहीं समझते

वास्तव में, कहा जाता है कि कर्ज और मर्ज को कभी छोटा नहीं समझना चाहिए। लेकिन कोरोना पर जीत ने हमें लापरवाह बना दिया। चुनावों में देश के दिग्गज नेता मास्क विहीन नजर आने लगे। चुनाव आयोग भी कुंभकरणी नींद सोता रहा।

हमारी इसी गफलत का फायदा कोरोना वायरस ने उठाया है। तभी तो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गए हैं। इसके अलावा बिहार के दो आईएएस अधिकारियों की कोरोना से मौत हो चुकी है। संघ प्रमुख मोहन भागवत से लेकर कई फिल्मी हस्तियों तक संक्रमण की लहर पहुंच चुकी है। इस प्रकार के दिग्गजों की सूची निरंतर लंबी होती जा रही है।

देश के कर्णधार ही कोरोना विलेन

आपको याद होगा कि पिछले वर्ष लॉकडाउन के दौरान तबलीगी जमात के लोगों को कोरोना बम, कोरोना हत्यारे और न जाने कितने घातक नामों से संबोधित किया गया था। लेकिन अब चुनाव जीतने के चक्कर में हमारे देश के कर्णधार ही कोरोना विलेन के रूप में नजर आ रहे हैं।

सोचने वाली बात है कि कोरोना संक्रमण रोकने के लिए स्कूल बंद हो सकते हैं, मंदिरों में पाबंदियां लगाई जा सकती हैं और बोर्ड परीक्षाएं टाली जा सकती हैं। संसद का सत्र भी संक्षिप्त किया जा सकता है। लेकिन चुनावों को जनहित में छह महीने के लिए क्यों नहीं टाला जा सकता?

क्या जीवन और मौत से बढ़ कर है सत्ता की सियासत?

क्या सत्ता की सियासत लोगों की जिंदगी से बढ़ कर है? यही नहीं, बिना मास्क वाले लोगों और कोरोना संक्रमितों को जिस बेरहमी से पीटा जा रहा है, क्या कोरोना संक्रमण रोकने का यही एकमात्र उपाय है? यह वाजिब सवाल है। और हमारे नेताओं से इस तरह के सवाल पूछे जाने चाहिए। चुनाव आयोग को भी सुप्रीम कोर्ट में घसीटा जाना चाहिए।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश के 18 राज्यों में कई वैरिएंट ऑफ कन्सर्न (VoC) पाए गए हैं। यानी वायरस के कई अलग-अलग रूप देखे जा रहे हैं। इन तमाम प्रकारों के बीच डबल म्यूटेंट वैरिएंट भी है। जीनोम सीक्वेंसिंग के दौरान इसका पता लगने के बाद से चिंता जताई जा रही है कि कहीं तेजी से इंफेक्शन की दर बढ़ने की वजह यही वैरिएंट तो नहीं।

#Unite2FightCorona

Genome Sequencing by INSACOG shows variants of concern and a Novel variant in India.https://t.co/hs3yAErWJR pic.twitter.com/STHjcMnkMh

— Ministry of Health (@MoHFW_INDIA) March 24, 2021

म्यूटेशन की प्रक्रिया और इंफेक्शन रेट

जिस तेजी से महाराष्ट्र में संक्रमण के मामले बढ़े हैं, उससे ये डर वाजिब ही है कि कहीं म्यूटेशन की प्रक्रिया के कारण इंफेक्शन रेट तो नहीं बढ़ रहा। हालांकि स्वास्थ्य मंत्रालय ने फिलहाल ऐसी कोई बात नहीं कही है। लेकिन लगातार कहा जा रहा है कि अब संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।

लेकिन सतर्कता तो कहीं नजर ही नहीं आ रही है। कहीं वैक्सीन का अभाव है तो कहीं चिकित्सा सुविधाओं का टोटा। हालांकि इन्हीं शिकायतों पर टिप्पणी करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने कहा है कि देश में वैक्सीन की कमी नहीं है। लेकिन आप अपने मोबाइल फोन पर गूगल करके वेंटीलेटर के हालात जानने की कोशिश करेंगे तो उसकी उपलब्धता का सच सामने आ जाएगा।

निष्कर्ष

Corona’s Double Mutant Stein: कोरोना की दूसरी लहर घातक है तो उसके प्रति सरकार की आपराधिक लापरवाही खतरनाक। किस अस्पताल में आक्सीजन के अभाव में कोरोना मरीज ने दम तोड़ा और किस अस्पताल में स्वास्थ्य मंत्री की मौजूदगी और डॉक्टर की नामौजूदगी में मौत हुई? यह दास्तां बहुत लंबी है। आपको क्या लगता है? कोरोना की दूसरी लहर कितनी प्राणघातक है? क्या सरकार कोरोना के वर्तमान संकट से ठीक से निपट पा रही है? कमेंट करके हमें जरूर बताएं।

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