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5 जुलाई : आज वापस जीत लिया था द्रास सेक्टर

ohm verma July 5, 2024
kargil

इंफोपोस्ट डेस्क, नयी दिल्ली। kargil : 

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इस तरफ से भारत के सेनापति थे जांबाज़ वी पी मालिक जी और उधर से पाकिस्तान की गद्दार और नापाक फ़ौज को संभाल रहे थे अपने ही राष्ट्र को धोखा देने वाले पीठ में खंज़र के लिए विख्यात परवेज़ मुशर्रफ। ये युद्ध उस नापाक मुल्क से हुआ था जिसको बनाया था वर्तमान भारत में कई लोगों का आदर्श बन चुके गद्दारी के पर्याय कहे जा सकने वाले कट्टर मज़हबी और देशभक्ति से कोसों दूर मोहम्मद अली जिन्ना ने।

kargil : कारगिल की सफेद बर्फ को अपने लहू से लाल कर देने वाले हिंदोस्तानी फौज के जांनिसारों ने युद्ध इतिहास के शिलापट पर शौर्य, बलिदान और समपर्ण के अमर शिलालेखों का आचमन और स्मरण दिवस है आज द्रास विजय दिवस। कारगिल युद्ध में मां भारती के ललाट पर विजय का रक्त चंदन लगाने वाले लगभग 527 से अधिक वीर योद्धा शहीद व 1300 से ज्यादा घायल हो गए, जिनमें से अधिकांश अपने जीवन के 30 वसंत भी नहीं देख पाए थे। कारगिल के दौरान सेना के वीरों ने दुश्मन के हर वार का पलट कर जवाब दिया। वैसे तो इस युद्ध में शामिल हर एक जवान ने अपना सबकुछ लगा दिया, लेकिन कैप्टन अनुज नैय्यर, कैप्टन नीलकंठन जयचंद्रन नायर, ब्रिगेडियर कुलदीप सिंह चांदपुरी, गुरबचन सिंह सलारिया, ग्रिनेडियर योगेंद्र सिंह यादव, कैप्टन मनोज कुमार पाण्डेय जैसे कुछ नाम हैं, जिनकी वीरती के किस्से आज भी लोगों की जुब़ा पर रहते हैं।

kargil :  इन वीरों ने भारतीय सेना की शौर्य व बलिदान की उस सर्वोच्च परम्परा का निर्वाह किया, जिसकी सौगन्ध हर सिपाही तिरंगे के समक्ष लेता है। यह दिन है उन शहीदों को याद कर अपने श्रद्धा-सुमन अर्पण करने का, जो हंसते-हंसते मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। भारतीय सेना की कार्रवाई में मारे गए घुसपैठियों की तलाशी ली गई, तो उनके पास से पाकिस्तानी पहचान पत्र मिले थे। करगिल जंग में मारे गए ज्यादातर जवान नॉर्दर्न लाइट इंफैंट्री के थे। पहले यह एक अर्धसैनिक बल था, लेकिन 1999 की जंग के बाद इसे पाकिस्तान की नियमित रेजीमेंट में बदल दिया गया।

पाकिस्तान के 357 सैनिक मारे गए

kargil :  करगिल युद्ध में पाकिस्तान के 357 सैनिक मारे गए, लेकिन अपुष्ट आंकड़ों के मुताबिक भारतीय सेना की कार्रवाई में तीन हजार के आस-पास सैनिकों की जान चली गई। भारतीय सेना ने लड़ाई के दौरान पाकिस्तानी सैनिकों और मुजाहिदीनों के रूप में पहाड़ियों पर कब्जा जमाए आतंकियों को परास्त किया। आईएसआई के पूर्व अधिकारी शाहिद अजीज ने भी माना था कि इसमें नियमित पाकिस्तानी सैनिक शामिल थे। पाकिस्तान के उर्दू डेली में छपे एक बयान में पीएम नवाज शरीफ ने इस बात को माना था कि करगिल का युद्ध पाकिस्तानी सेना के लिए एक आपदा साबित हुआ था।

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