Kedarnath Dham: केदारनाथ धाम में हेलिकॉप्टर पायलट की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया है। क्योंकि केदारनाथ धाम से ठीक 100 मीटर पहले पहाड़ी पर क्रिस्टल एविएशन की इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी है। रूडर खराब होने की वजह से ऐसा करना पड़ा। पायलट कल्पेश ने इमरजेंसी लैंडिग कराई।
Kedarnath Dham: पायलट की सूझबूझ से टला हादसा
इंफोपोस्ट डेस्क
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Kedarnath Dham: उत्तराखंड से एक बड़ी खबर आ रही है। केदारनाथ धाम में यात्रियों से भरे हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी है। हेलिकॉप्टर पायलट की सूझबूझ से एक बड़े हादसे को टाल दिया गया। हुआ यह कि क्रिस्टल के हेलिकॉप्टर का रूडल खराब हो गया। और पायलट ने 100 मीटर पहले ही पहाड़ी पर हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिग करा दी। हेलीकॉप्टर की सुरक्षित लैंडिंग के बाद तीर्थ यात्रियों ने राहत की सांस ली।
दरअसल, केदारनाथ में हेलिकॉप्टर सेवा हमेशा जोखिमभरी रही है। बीते 11 वर्षों में केदारनाथ में 10 हादसे हो चुके हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार के मुताबिक हेलिपैड से 100 मीटर आगे पर इमरजेंसी लैंडिंग ही हुई है। हेलीकॉप्टर में पायलट समेत 6 यात्री सवार थे। हेलीकॉप्टर सेरसी हेलीपैड से श्री केदारनाथ धाम की ओर जा रहा था। तभी अचानक क्रिस्टल एविएशन के हेलीकॉप्टर में कुछ तकनीकी खराबी आ गई। और हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी।
इमरजेंसी लैंडिंग का वीडियो भी आया सामने
पालयट ने शुक्रवार सुबह 7:05 बजे इमरजेंसी लैंडिंग की। इमरजेंसी लैंडिंग का वीडियो भी सामने आया है। पायलट कल्पेश के अनुसार, सभी यात्री सुरक्षित हैं। यदि इमरजेंसी लैंडिंग नहीं कराते तो बड़ा हादसा हो सकता था। सुरक्षित लैंडिंग के बाद यात्रियों ने भी राहत की सांस ली है। रुद्रप्रयाग के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एनएस रजवार ने बताया, “हेलीकॉप्टर सुबह सेरसी से केदारनाथ की ओर जा रहा था। केदारनाथ हेलीपैड से 100 मीटर पहले तकनीकी खराबी होने का कारण हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी।”
बता दें कि केदारनाथ धाम में भक्तों का हुजूम उमड़ रहा है। सोमवार को रिकॉर्ड 37 हजार से अधिक भक्तों ने बाबा केदारनाथ के दर्शन किए। अभी तक 3 लाख 20 हजार से अधिक भक्त बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं जो कि एक कीर्तिमान है। भक्तों की भीड़ को देखते हुए मंदिर के गर्भ गृह में दर्शन बंद कर दिए गए थे, लेकिन तीर्थ पुरोहितों के विरोध के बाद मंदिर के गर्भगृह के दर्शन फिर से खोल दिए गए। अब धाम पहुंचने वाले सभी भक्त बाबा केदार के गर्भगृह के दर्शन कर सकेंगे। हालांकि अभी भी वीआईपी दर्शन बंद है।
उत्तराखंड में हर साल होती है चार धाम यात्रा
Kedarnath Dham: उत्तराखंड में हर साल चार धाम यात्रा होती है, जिनमें बद्रीनाथ धाम के साथ-साथ तीर्थयात्री गंगोत्री धाम, यमुनोत्री धाम और केदारनाथ धाम के दर्शन करते हैं। उत्तरकाशी जिले में 10 हजार 804 फुट की ऊंचाई पर स्थित यमुनोत्री धाम और केदरनाथ धाम की यात्रा अक्षय तृतीया पर शुरू हुई। वहीं 12 मई को बद्रीनाथ धाम के कपाट खोले गए थे।
मौसम विभाग ने उत्तराखंड के लिए बारिश का अलर्ट भी जारी किया है और प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि के साथ तेज बौछार की संभावना जताई है। चार धाम मार्गों पर भी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बारिश के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
मौसम विभाग के निदेशक विक्रम सिंह ने कहा है कि चार धाम में आने वाले यात्रियों को बारिश से सावधान रहना होगा। अल्मोड़ा जिले के क्वारब में हाईवे पर बुधवार शाम बरसाती नाले के साथ मलबा आने से यातायात ठप हो गया था। जिले में बुधवार शाम पहाड़ी इलाकों में कई जगह तेज बारिश हुई थी। अल्मोड़ा हाईवे पर क्वारब के समीप पहाड़ी से मलबा आ गया, जिससे करीब दो घंटे तक हाईवे बंद रहा। मुक्तेश्वर में भी झमाझम बारिश हुई।


