जांच में पाया गया है कि अवैध निर्माणों में से कई का संबंध नूंह हिंसा से है। दूसरी ओर हिंसा को काबू कर पाने में पूरी तरह से सफल नहीं होने पर अफसरों पर भी गाज गिरनी शुरू हो गई है।
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नूंह में हिंसा के बाद अवैध निर्माण बुलडोजर से हटाए जा रहे
कार्रवाई में मेडिकल कालेज के पास से अवैध दुकानें हटाईं
इंफोपोस्ट डेस्क
मेवात। Nuh Violence : मेवात के नूंह में 31 जुलाई को जलाभिषेक यात्रा के दौरान हुई हिंसा के बाद हरियाणा की भाजपा सरकार हरकत में आ गई है। हरियाणा सरकार भी उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की तर्ज पर बुलडोजर की कार्रवाई कर रही है। बुलडोजर से अवैध निर्माण तोड़े जा रहे हैं और उपद्रवियों की एक नहीं सुनी जा रही है।
नूंह के एसडीएम अश्विनी कुमार ने बताया कि एसकेएम मेडिकल कॉलेज के आसपास बुलडोजर से अवैध दुकनें ढहाई जा रही हैं। यह कार्रवाई राज्य के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर के आदेश पर किया जा रहा है। अतिक्रमण 2.5 एकड़ की भूमि पर फैला था। जांच में पाया गया है कि अवैध निर्माणों में से कई का संबंध नूंह हिंसा से है। दूसरी ओर हिंसा को काबू कर पाने में पूरी तरह से सफल नहीं होने पर अफसरों पर भी गाज गिरनी शुरू हो गई है। वीडियो में दिख रहा है पुलिस उपद्रवियों को जब वापस जाने के लिए कहती है तो वो पुलिस से ही उलझ जाते हैं।
हिंसा के नए वीडियो आ रहे सामने
Violence In Haryana: हिंसा से जुड़े लगातार नए वीडियो सामने आ रहे हैं. सामने वो चेहरे भी आ रहे हैं जो उन्मादी भीड़ का हिस्सा थे। नूंह हिंसा से जुड़ा एक नया वीडियो सामने आया है जिसमें लाठी— डंडों से लैस भीड़ नजर आ रही है जो एक बस्ती की तरफ बढ़ रही है। वीडियो 31 जुलाई के करीब एक बजे का बताया जा रहा है. वीडियो में गुस्साई भीड़ धार्मिक नारे लगाती नजर आ रही है. कुछ लोग चेहरे को ढके हुए हैं. कुछ पीठ पर बैग टांगे हुए हैं। वीडियो में दिख रहा है कि पुलिस उन्हें समझाती है पर वो पुलिस की एक नहीं सुनते। उनके सिर पर खून सवार नजर आता है. वीडियो सामने आने के बाद कई सवाल भी खड़े हो गए हैं. पहला सवाल ये है कि पुलिस ने इस उन्मादी भीड़ पर क्या एक्शन लिया? ये लोग कौन थे? क्या इनकी पहचान हुई? क्या पुलिस ने इस पर कोई मामला दर्ज किया?
अफसरों के खिलाफ कार्रवाई
Nuh Violence : हिंसा को लेकर अफसरों पर भी गाज गिरनी शुरू हो गई है। पुलिस अधीक्षक यानी एसपी के बाद अब नूंह के डिप्टी कमिश्नर को हटा दिया गय है। 2012 बैच के आइएएस धीरेंद्र खटखटा को नूंह की जिम्मदारी सौंपी गई है। हिंसा को लेकर पुलिस अब तक 102 एफआइआर दर्ज कर चुकी है। 202 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 80 लोग हिरासत में लिए गए हैं। दो उपद्रवी को रिमांड पर लिया गया। इसके साथ ही रिमांड पर चल रहे आरोपितों की संख्या 21 हो गई। पकड़े गए आरोपितों में सभी हिंसा में शामिल पाये गए लेकिन हिंसा के मास्टरमाइंड की पहचान कर गिरफ्तारी करना शेष है।
भाजपा सरकार बता चुकी है सुनियोजित साजिश
Nuh Violence : मनोहर सरकार ने नूंह को एक सुनियोजित घटना बताया है क्योंकि छतों पर पहले से ही पत्थर जमा किए गए थे और लोगों ने पहाड़ियों पर जाकर गोलीबारी की। हिंसा के बाद सरकार लगातार एक्शन में हैं। ना सिर्फ दंगाइयों की धर-पकड़ की जा रही है बल्कि लापरवाह अफसरों पर भी कार्रवाई की जा रही है।
शांति व्यवस्था आ रही पटरी पर
मेवात के नूंह में 31 जुलाई को जलाभिषेक यात्रा के दौरान हुई हिंसा के बाद जिला में शांति व्यवस्था फिर से पटरी पर आने लगी है। चार दिनों में कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। शुक्रवार को जुमे की नमाज मुस्लिम समुदाय के लोगों ने प्रशासन की अपील पर घरों में ही पढ़ी। पूरे जिला में ईदगाह- मस्जिदों के बाहर अर्धसैनिक बल के जवान पुलिस अफसरों के साथ तैनात नजर आए। इंटरनेट सेवा बंद रही वहीं दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक तीन घंटे के लिए छूट दी गई, लेकिन बाजारों में सन्नाटा छाया हुआ था। गिनीचुनी दुकानें ही खोली गईं।


