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Nuh Violence: नूंह में प्रशासन अलर्ट, छह की मौत

infopost August 2, 2023
Nuh Violence

Nuh Violence: नूंह में दो समुदायों के बीच हुई झड़प में अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं प्रशासन अलर्ट पर है। दूसरी ओर इस घटना को लेकर पूरे देश में उबाल है।

Nuh Violence: हिंसा में 116 लोग गिरफ्तार

इन्फोपोस्ट डेस्क

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मेवात। Nuh Violence: हरियाणा के नूंह में सोमवार को हुई दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प को लेकर प्रशासन अलर्ट पर है। नूंह में कर्फ्यू जारी है। उपद्रव को देखते हुए जिला उपायुक्त ने धारा 144 लागू की है। इंटरनेट सेवा बंद है। गिरफ्तारियों का दौर जारी है। पुलिस ने अब तक 116 लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं, हिंसक घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर छह पहुंच गई है।

नूंह में हुई हिंसा को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है। सुप्रीम कोर्ट ने हिंसा को लेकर हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदे”ा सरकार को नोटिस जारी किया है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसी भी तरह की हेट स्पीच नहीं होनी चाहिए। कोर्ट ने कहा कि सरकार और प्रशासन सुनिश्चित करें की हिंसा न हो। साथ ही संवेदनशील जगहों पर सीसीटीवी लगाए जाए और मॉनिटरिंग की जाए।

उबाल पर विहिप-बजरंग दल

दिल्ली को फरीदाबाद से जोड़ने वाले बदरपुर बॉर्डर को बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने जाम कर दिया। नूंह-मेवात में हुई हिंसक झड़प के बाद बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता आज दिल्ली के बदरपुर बॉर्डर के टोल प्लाजा के पास प्रदर्शन कर रहे हैं। विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं द्वारा निकाले जा रहे मार्च के चलते पूरे मार्ग पर लंबा जाम लगा हुआ है। वहीं, बॉर्डर पर भारी पुलिस बल, अर्धसैनिक बल और जिला प्रशासन मौजूद है। बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता यहां बैठकर हनुमान चालीसा पढ़ रहे हैं। बता दें कि दिल्ली पुलिस द्वारा सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात पर केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने कहा, अगर दोनों समुदाय के पास हथियार थे तो इसकी जांच होनी चाहिए कि उनके पास हथियार कैसे आए और इस तरह का वातावरण क्यों पैदा हुआ। कानून व्यवस्था हरियाणा सरकार की जिम्मेदारी है और जांच भी हरियाणा सरकार कराएगी। उसके बाद ही पता चलेगा कि कौन दोषी थे।

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा नूंह में हिंसा का मामला

Nuh Violence: नूंह हिंसा को लेकर बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद द्वारा आयोजित की जा रही रैलियों का मामला आज बुधवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत से रैलियों पर तत्काल रोक लगाए जाने की मांग की है।
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, वकील ने अदालत को बताया कि आज दिल्ली में 23 स्थानों पर विरोध मार्च आयोजित किए जा रहे हैं और मामले में तत्काल सुनवाई की मांग की। इस पर सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि कागजात देखने के बाद याचिका पर सुनवाई पर विचार करेंगे। ताजा जानकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट में नूंह हिंसा मामले की सुनवाई दोपहर 2 बजे के बाद होगी।

राज्य में हुई सांप्रदायिक झड़पों पर हरियाणा के डीजीपी पीके अग्रवाल ने कहा, बजरंग दल के मोनू मानेसर की भूमिका की जांच की जा रही है। नूंह में स्थिति नियंत्रण में है। अब तक 41 एफआईआर दर्ज की गई हैं। सभी मामलों की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया जाएगा।

बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने नूंह और गुरुग्राम में हुई हिंसक झड़प की घटना को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, हरियाणा में सांप्रदायिक दंगों का भड़कना और इसका गुरुग्राम और अन्य क्षेत्रों में बिना रोक-टोक फैलना साबित करता है कि मणिपुर के तरह ही हरियाणा राज्य में भी कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त है और वहां की सरकार का खुफिया तंत्र भी निष्क्रिय है। अगर राज्य सरकार प्रस्तावित यात्रा, जुलूस को सुरक्षा नहीं दे सकती तो वे ऐसे आयोजनों को अनुमति क्यों देती हैं?

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