PMMVY: प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का क्रियान्वयन करने के मामले में गौतमबुद्ध नगर को मंडल में दूसरा स्थान मिला है। मंडल में हापुड़ को पहला स्थान मिला है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!PMMVY: योजना के लाभार्थी जालसाजों से रहें सावधान: सीएमओ
इंफोपोस्ट न्यूज, नोएडा। PMMVY: प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की ताजा रैंकिंग में गौतमबुद्ध नगर जिला मेरठ मंडल में दूसरे और प्रदेश में 10वें नंबर पर आया है। मंडल में हापुड़ प्रथम स्थान पर है। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपक ओहरी ने दी।
उन्होंने बताया कि जिले ने 88 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर यह उपलब्धि हासिल की है। योजना के तहत जनपद को 33,601 लाभार्थियों को लाभ देने का लक्ष्य मिला था। इसके मुकाबले 29,522 लाभार्थियों को लाभ देकर 88 प्रतिशत लक्ष्य पूरा किया गया।
फर्जी फोन कॉल से सतर्क रहने की अपील
सीएमओ ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लाभार्थियों से फर्जी फोन कॉल से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने बताया कि इन दिनों कुछ जालसाज योजना के नाम पर फोन कर लाभार्थियों की बैंक अकाउंट से संबंधित जानकारी लेकर उनके साथ धोखाधड़ी कर रहे हैं।
योजना का कोई भी प्रतिनिधि लाभार्थी से ओटीपी नहीं पूछता है। और न ही संवेदनशील सूचनाएं मांगता है। यदि ऐसा होता है तो वह पीएमएमवीवाई प्रतिनिधि नहीं है। उसे कोई सूचना न दें। राज्य स्तर से हेल्प लाइन नंबर 7998799804 जारी किया गया है।
इस हेल्प लाइन से लाभार्थी स्वयं ही काल करके योजना के आवेदन संबंधी जानकारी ले सकता है।और भुगतान न होने पर आ रही समस्या का निराकरण भी करा सकता है। योजना का प्रतिनिधि केवल आधार नंबर या उस पर अंकित नाम, बैंक अकाउंट का आईएफएससी कोड ही मांगता है।
आशा कार्यकर्ता की मदद
वह कभी भी आधार का ओटीपी, एटीएम नंबर, पासवर्ड, बैंक ओटीपी, एटीएम का सीवीवी कोड नहीं मांगता है। किसी को भी इस तरह की जानकारी कतई न दें। उन्होंने कहा है कि यदि योजना से जुड़ी कोई बात समझ में न आए तो अपने क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता की मदद ले सकते हैं।
योजना के जिला कार्यक्रम समन्वयक पारस गुप्ता ने बताया कि योजना के तहत पहली बार गर्भवती महिला को 5000 रुपये दिए जाते हैं। चाहे प्रसव सरकारी या निजी अस्पताल में कराया हो। पंजीकरण के लिए माता-पिता का आधार कार्ड, मां की बैंक पासबुक की फोटो कापी जरूरी है। मां का बैंक अकाउंट ज्वाइंट नहीं होना चाहिए। निजी अकाउंट ही मान्य होगा।
तीन किस्तों में होता है भुगतान
यदि बच्चे का जन्म हो चुका है तो मां और बच्चे दोनों के टीकाकरण का प्रामाणिक पर्चा होना जरूरी है। पंजीकरण के साथ ही गर्भवती को प्रथम किश्त के रूप में 1000 रुपये दिए जाते हैं।
प्रसव पूर्व कम से कम एक जांच होने पर (गर्भावस्था के छह माह बाद) दूसरी किश्त के रूप में 2000 रुपये और बच्चे के जन्म का पंजीकरण होने और बच्चे के प्रथम चक्र का टीकाकरण पूरा होने पर तीसरी किश्त के रूप में 2000 रुपये दिए जाते हैं।
यह सभी भुगतान गर्भवती के बैंक खाते में ही किए जाते हैं। जिला कार्यक्रम समन्वयक ने लाभार्थियों की सुविधा और अन्य जानकारी प्राप्त करने के लिए दो मोबाइल नंबर जारी किए हैं। 9026304480-8882228683 पर योजना से संबंधित मदद ली जा सकती है। योजना के लिए आवेदन फार्म सिप्सा की वेबसाइट sifpsa.org पर भी उपलब्ध है।


