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Rahul Gandhi: राहुल गांधी के धैर्य की परीक्षा क्यों?

June 23, 2022
Rahul Gandhi

Rahul Gandhi: आजकल राहुल गांधी के धैर्य की परीक्षा ली जा रही है। जबकि उन्हें धैर्यवान और ईमानदार नेता बताया जा रहा है। फिर भी प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी उन्हें पिछले पांच दिनों से परेशान कर रहा है। इस माहौल में राहुल गांधी ने सब्र के मामले में खुद के साथ सचिन पायलट का उदाहरण देकर नई सियासी चर्चा छेड़ दी है।

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Rahul Gandhi: इतना धर्य कहां से लाते हैं राहुल गांधी?


आईपी डेस्क


नई दिल्‍ली। Rahul Gandhi: कहा गया है, आपदकाल परखिहहुं चारी। धीरज, धरम, मित्र अरु नारी। अर्थात आपदा के समय धर्य, धर्म, मित्र और स्त्री इन चार की परीक्षा की जाती है। यह राहुल गांधी के जीवन और राजनीतिक भविष्य के संदर्भ में परीक्षा का दौर चल रहा है।

सत्तासीन भाजपा की भी परीक्षा का दौर है। ताजा घटनाक्रम की बात करें, तो 2024 का चुनाव जीतने के लिए भाजपा ने धैर्य छोड़ दिया है। वह कोई भी हथकंडा अपना कर शीर्ष पर बने रहना चाहती है। महाराष्ट्र के राजनीतिक संकट को भी इसी से जोड़ कर देखा जा रहा है। महात्मा गांधी के साध्य साधन सिद्धांत की कोई परवाह नहीं की जा रही है।

क्या राहुल गांधी ही बेईमान, बाकी सभी नेता दूध के धुले?

राहुल गांधी को पता है कि भाजपा जिस रास्ते पर निकल चुकी है, उसका पतन तय है। नैतिक पतन तो अभी भी हो रहा है। ऐसे में राहुल गांधी ने धैर्य नहीं छोड़ा है। वह पिछले पांच दिनों से प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों के प्रश्नों के उत्तर सहजता से दे रहे हैं। प्रवर्तन निदेशालय के ड्रामे से यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है, जैसे एकमात्र राहुल गांधी बेईमान हैं और बाकी सभी नेता दूध के धुले हैं।

प्रवर्तन निदेशालय ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से ‘नेशनल हेराल्ड’ अखबार से जुड़े कथित धन शोधन के मामले में पांच दिनों में 50 घंटे से ज्यादा समय तक पूछताछ की है। पूछताछ के दौरान राहुल गांधी से धन शोधन रोकथाम अधिनियम के तहत उनके बयान दर्ज किए गए।

राहुल ने ईडी से कहा, यह तो नहीं बता सकता

इसी का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मुझसे प्रवर्तन निदेशालय ने पूछा कि पिछले पांच दिनों से आप लगातार ईडी के सवालों का जवाब दे रहे हैं। इतना धैर्य कहां से लाते हैं आप? राहुल गांधी ने कहा, यह तो नहीं बता सकता।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सब्र रखने में खुद के साथ सचिन पायलट का उदाहरण देकर नई सियासी चर्चा छेड़ दी है। अब संकेत मिलने लगा है कि राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में सचिन पायलट को बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है।

कांग्रेस का हर नेता समझता है धैर्य का महत्व

राहुल गांधी ने संकेत दिया है कि राजस्थान में सीएम अशोक गहलोत का विकल्प तैयार है। पार्टी सचिन पायलट में संभावनाएं देखती है। पंजाब की तरह नेतृत्व परिवर्तन हो सकता है। राहुल गांधी ने कहा- जानते हो, पेशेंस कहा से आया। कांग्रेस में 2004 से काम कर रहा हूं। पेशेंस नहीं आएगा तो क्या आएगा। इस बात को कांग्रेस का हर नेता समझता है।

उन्होंने सचिन पायलट सहित कांग्रेस के कई नेताओं का उदाहरण देते हुए कहा, ये कांग्रेस पार्टी है जो हमें लगातार काम करने की ऊर्जा देती है। हमें थकने नहीं देती और हमें हर रोज धैर्य रखना सिखाती है।

सचिन पायलट बेहद आक्रामक दिखे

सोनिया गांधी-राहुल गांधी को ईडी का समन देने विरोध में दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान सचिन पायलट बेहद आक्रामक दिखाई दिए। वह अपने समर्थकों के साथ दिल्ली पुलिस से भिड़ते भी नजर आए। आमतौर पर शांत दिखने वाले पायलट का बेहद आक्रामक हो जाना अचंभित करने वाला है। सचिन पायलट ने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को जवाब देकर साफ कर दिया है कि वह कांग्रेस में ही रहेंगे।

हाल ही में केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा था कि राजस्थान में सचिन पायलट से चूक हो गई। राजस्थान में मध्य प्रदेश जैसे हालात नहीं बन पाए। सचिन पायलट ने केंद्रीय मंत्री शेखावत पर पलटवार करते हुए कहा था कि जनता आपको चुनने में चूक नहीं करेगी। राज्य की जनता सब जानती है। इन दिनों सचिन पायलट भाजपा पर लगातार कांउटर कर कर रहे हैं।

राहुल गांधी को डराया नहीं जा सकता

दिल्ली के कांग्रेस मुख्यालय में देश भर के कांग्रेस नेताओं की उपस्थिति में राहुल गांधी का सब्र के मामले में सचिन पायलट का नाम लिया जाना कांग्रेस की भीतरी राजनीति के लिए काफी अहम माना जा रहा है। कांग्रेस मुख्यालय में मौजूद कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, सांसदों और विधायकों ने राहुल गांधी की प्रशंसा की और कहा कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष को डराया नहीं जा सकता।

राहुल गांधी ने बताया कि उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय में कहा कि वह जांच एजेंसी मुख्यालय के एक 12 गुणा 12 के कमरे में तीन-चार अधिकारियों के साथ अकेले नहीं बैठे थे, बल्कि उनके साथ वहां कांग्रेस के नेता, कार्यकर्ता और वो सभी लोग थे, जो नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ बिना डरे लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं में धैर्य है और वे सच्चाई के साथ हैं।

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