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ShriKrishna Janmashtami: खाटूश्याम दिल्ली धाम में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की रौनक

August 19, 2022
ShriKrishna Janmashtami

ShriKrishna Janmashtami: खाटूश्याम दिल्ली धाम में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की खास रौनक है।तभी तो 1156 प्रकार के व्रत व्यंजन का भोग कान्हा जी को लगाया जा रहा है। जानते हैं कि वहां और क्या खास हो रहा है।

ShriKrishna Janmashtami: पहली बार लगेगा 1156 प्रकार के व्रत व्यंजन का भोग

आईपी न्यूज

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ShriKrishna Janmashtami: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का त्योहार देशभर में उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। भक्तों ने जन्माष्टमी का उत्सव मनाने के लिए घरों में खास तैयारी की है। वृंदावन, मथुरा सहित देश भर में भगवान श्रीकृष्ण के मंदिरों को रंगबिरंगी लाइटों से सजाया गया है। ऐसे में खाटूश्याम दिल्ली धाम कैसे पीछे रह सकता है?

जीटी करनाल रोड स्थित खाटू श्याम दिल्ली धाम मंदिर में खास तैयारियां की जा रही हैं। घनश्याम गुप्ता जावेरी ने इस बारे में विस्तार से जानकारी दी है। उनके मुताबिक, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उत्सव को पूरी भव्यता से मनाया जा रहा है। पहली बार जन्माष्टमी के अवसर पर 1156 प्रकार के व्रत व्यंजन का भोग कान्हा जी को लग रहा है।

मातृशक्ति 75 महिलाएं और बालिकाएं लगाएंगी कान्हा को भोग

इन व्यंजनों में विभिन्न प्रकार के भोग, मिठाई, फल, फूल होंगे। कार्यक्रम सुबह 11 बजे से शुरू होकर रात्रि 12 बजे तक चलेगा। 75वें स्वतंत्रता दिवस के हर घर तिरंगा अमृत महोत्सव से प्रेरित होकर भारत की आन बान शान मातृशक्ति 75 महिलाएं और बालिकाएं कान्हा को भोग लगा रही हैं। हम बता चुके हैं कि 800 किलो का अष्टधातु से बना घंटा धाम में लग चुका है।

यह घंटा दिल्ली का पहला और भारत में तीसरा बड़ा घंटा है, जो इतना भारी और विशाल है। उसका उद्घाटन हाल ही में हुआ था। 165 फिट राष्ट्रीय तिरंगा भी यहां की पहचान है। शायद इसीलिए स्वतंत्रता दिवस की थीम पर धाम में जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जा रहा है।

आयोजन में है जिनका विशेष योगदान

जन्माष्ठमी की तैयारी में जुटे संस्था के नगर अध्यक्ष एस.एस. अग्रवाल, स्वर्ग धाम धामदानदाता जयनारायण अग्रवाल, सतीश राम के. गोयल, एस के बोथरा, सत्यभूषण जैन, संजीव कुमार मित्तल, रमेश गुप्ता, पवन सिंघल, मधु गोपाल गोयल, अनिल कुमार गुप्ता, नवीन गर्ग, कुलदीप गोयल और महक जावेरी का विशेष योगदान चर्चा का विषय बन चुका है।

यह बताना जरूरी है कि भगवान कृष्ण का जन्म अष्टमी तिथि पर मध्यरात्रि में होने के कारण जन्माष्टमी 18 अगस्त को मनाई जा रही है। लेकिन उदया तिथि 19 अगस्त को भी है। ऐसे में कुछ लोग 19 अगस्त को भी यह त्योहार मना रहे हैं। जन्माष्टमी की बधाई देने का सिलसिला गुरुवार सुबह से ही शुरू हो गया था। लोग अपने प्रियजनों और करीबियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाओं से सजे बधाई संदेश भेज रहे हैं।

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