Transfer Policy: उत्तर प्रदेश सरकार की तबादला नीति इस बार पहले यानी मई में ही आने की संभावना है। क्योंकि तबादला नीति का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है और उसे कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही लागू कर दिया जाएगा। पिछले साल यानी 2022 में तबादला नीति 14 जून को आ पाई थी।
Transfer Policy: नई ट्रांसफर पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार, जल्द होंगे तबादले
इंफोपोस्ट न्यूज
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!लखनऊ, उत्तर प्रदेश। Transfer Policy: राज्य सरकार के अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों के लिए योगी सरकार नई वार्षिक स्थानांतरण नीति लाने जा रही है। कार्मिक विभाग ने स्थानांतरण नीति का ड्राफ्ट भी तैयार कर लिया है, जिसे मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री को भेज दिया गया है। मुख्यमंत्री की मंजूरी मिलते ही नई नीति पर कैबिनेट की मुहर लगवा दी जाएगी।
योगी सरकार ने पिछले साल 14 जून को वर्ष 2022-23 के लिए स्थानांतरण नीति को मंजूरी दी थी। इस स्थानांतरण नीति की समयावधि समाप्त हो चुकी है और कार्मिक विभाग ने नई स्थानांतरण नीति का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है।
बैक डेट में करने पड़ते थे तबादले
सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित स्थानांतरण नीति में कर्मचारियों के तबादलों के लिए एक माह की समयावधि निश्चित करने का प्रस्ताव है। हालांकि इस पर अंतिम निर्णय उच्च स्तर पर किया जा सकेगा। पिछले वर्ष की स्थानांतरण नीति में तबादलों के लिए 15 दिनों का समय दिया गया था। तय समयावधि में तबादले न होने पर विभिन्न विभाग इसकी समय सीमा बढ़ाने की मांग करते हैं या फिर बैक डेट में तबादले करते हैं।
इसी बात को ध्यान में रख कर नई नीति में तबादलों के लिए एक माह का समय दिए जाने का प्रस्ताव है। शासन का विचार है कि नई स्थानांतरण नीति को इसी माह के उत्तरार्ध या फिर पहली जून से लागू कर दिया जाए। ऐसा करने पर तबादलों के लिए पूरे एक माह का समय मिल जाएगा। क्योंकि तबादलों की समयावधि आमतौर पर 30 जून तक समाप्त हो जाती है, जिससे तबादले करने में असुविधा होती है।


