इंफोपोस्ट संवाददाता, मोतिहारी। Ram mandir akshat:
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!श्री अयोध्या से आए पुजित कलश अक्षत को लेकर रविवार को राम जन्म भूमि प्राण प्रतिष्ठा आमत्रंण समिति के तत्वावधान में अजगरी मठ से विशाल शोभायात्रा निकल कर अमवा सिसवा शनीचरी स्थान होते हुए गोखूला मठ पर समाप्त हुई। रास्ते भर गगन भेदी जय श्रीराम के नारे लगते रहे और फूलों की वर्षा होती रही। जगह—जगह शोभायात्रा पर गांव वालों द्वारा पुष्प की वर्षा हुई और सभी शोभायात्रा में शामिल होते गए। यात्रा में बड़ी संख्या मे महिलाएं शामिल थीं।

शोभायात्रा का नेतृत्व समिति के जिला सदस्य आलोक चन्द और मनोरंजन प्रसाद कर रहे थे। वहीं हरेन्द्र प्रसाद शोभायात्रा की सफलता के लिए काफी सक्रिय थे। मौके पर प्रमोद शंकर सिंह और पूर्व एमएलसी मोतिहारी बबलू गुप्ता भी शोभायात्रा में शामिल हुए।
यह सिर्फ राम मंदिर नहीं, राष्ट्र मंदिर : अशोक श्रीवास्तव
Ram mandir akshat: गोखूला मठ पर विहिप नेता अशोक श्रीवास्तव अधिवक्ता ने रामभक्तों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि 22 जनवरी को राम मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा हो रही है। यह मात्र राम मंदिर नही बल्कि यह राष्ट्र मंदिर है।

अक्षत लेकर आपको देंगे अयोध्या का निमंत्रण
1 जनवरी से 15 जनवरी तक सभी घरों में कार्यकर्ता अक्षत लेकर आपको अयोध्या चलने का निमंत्रण देने जाएंगे। 22 जनवरी को अयोध्या नहीं जाना है। 22 जनवरी के बाद अयोध्या सभी को दर्शन करने जाना है। 22 जनवरी को अपने अपने घरों को दीये से सजाएं। दीपावली मनाएं और मठ मंदिर पर भजन-कीर्तन करें क्योंकि 500 वर्ष के संघर्ष के बाद यह शुभ समय आया है।
22 जनवरी सौभाग्य का दिन
Ram mandir akshat:समिति के सदस्य व पूर्व जिला संयोजक बजरंगदल आलोक चन्द अधिवक्ता ने बताया कि 22 जनवरी का दिन हम सभी सनातनियों के लिए सौभाग्य का दिन है। हम सौभाग्यशाली हैं कि पुरखों के बलिदान के उपरान्त अपनी आंखों से मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम जी का मंदिर उद्घाटन का गवाह बनने जा रहे हैं। आप सभी उस दिन अपने अपने घरों में मिष्ठान भोजन बनाएं और दीपोत्सव कार्यक्रम करें।
तब कारसेवकों ने की थी पूजा
Ram mandir akshat : मौके पर आरएसएस के कृष्ण कुमार ने बताया कि हमें याद है कि मुलायम सिंह यादव तत्कालीन मुख्यमंत्री उतर प्रदेश ने कहा था कि परिंदा भी अयोध्या में पर नहीं मार सकेगा। तब कारसेवकों ने सारी सुरक्षा को धत्ता बताते हुए अयोध्या में ही नहीं, बल्कि मंदिर परिसर में अंदर जाकर पूजा की थी।
जरूरत पड़ने पर विरोधियों की चुनौती स्वीकारते हुए 1992 को सदा के लिए कलंकित ढांचा को भी नेस्तनाबूत किया था। आज वह खुशी का दिन आ गया है। आप सभी 22 जनवरी के बाद अयोध्या दर्शन के लिए जाएं।
Ram mandir akshat : मौके पर सुरेश जी, लालबाबू सिंह, राजीव कुमार, दीपू चौरसिया, सोनू पाठक, सुबोध यादव, हनुमान दूबे, लालबाबू दूबे, सुभाष गुप्ता, आशुतोष कुमार, राजू कुमार, चंदन सिंह, संजय चौरसिया सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल थे।


