Security in Ayodhya: प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के मद्देनजर अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद की जा रही है। लेकिन यह क्या? इस दौरान उत्तर प्रदेश की पुलिस पहली बार सूट बूट में नजर आने वाली है। ऐसा सुरक्षा व्यवस्था को गुप्त और मजबूत बनाने के लिए किया जा रहा है।
Security in Ayodhya: लखनऊ में तैयार कराई जा रही हैं नई वर्दियां
इंफोपोस्ट डेस्क
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!अयोध्या। Security in Ayodhya: प्राण प्रतिष्ठा समारोह में 288 दारोगा और सिपाही सूट-बूट में विशिष्ट अतिथियों की सुरक्षा व्यवस्था में लगे रहेंगे। इनकी ये नई वर्दियां लखनऊ में तैयार कराई जा रही हैं। इस व्यवस्था के लिए विशेष रूप से खेल पृष्ठभूमि वाले पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षित के लिए चुना गया है। समारोह में पुलिस के 11 हजार से ज्यादा जवान प्रमुख नाकों पर मोर्चा संभालेेंगे।
अतिविशिष्ट और विशिष्ट लोगों की सुरक्षा में तैनात पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा 288 उपनिरीक्षक, मुख्य आरक्षी, आरक्षी और महिला आरक्षी इस बार खास ड्रेस में नजर आएंगे। अयोध्या के 106, सुल्तानपुर, अंबेडकरनगर और अमेठी के 50-50 और बाराबंकी के 32 पुलिसकर्मी विशेष व्यवस्था के लिए चुने गए हैं। 23 उपनिरीक्षकों के अलावा शेष मुख्य आरक्षी व आरक्षी शामिल हैं।
गहरा नीला कोट, आसमानी नीली शर्ट और ग्रे रंग की पैंट
वीआईपी ड्यूटी के दौरान ये पुलिस वाले गहरा नीला कोट, आसमानी नीली शर्ट और ग्रे रंग की पैंट पहनेंगे। ज्यादातर इन विशेष पुलिसकर्मियों के वस्त्र तैयार करा लिए गए हैं। इस विशेष टीम को विभिन्न मानकों के आधार पर चुना गया है। इनमें अधिकतर पुलिसकर्मी विभिन्न प्रकार के खेलों में भी सक्रिय रहते हैं। इन्हें पुलिस महानिरीक्षक की मौजूदगी में तौर-तरीकों के साथ अच्छे व्यवहार के लिए प्रशिक्षित किया गया है।
भविष्य में भी होने वाले अति विशिष्ट आयोजनों में यह अब प्रणाली लागू रहने की उम्मीद है।अयोध्या रेंज के आईजी प्रवीण कुमार का कहना है कि लगभग 300 पुलिसकर्मी इस बार कोट-पैंट में वीआईपी ड्यूटी करेंगे। इनके परिधान लगभग तैयार हो गए हैं। इसका खास मकसद भी है। इन्हें विशेष रूप से ट्रेनिंग दी गई है, जो कई मामलों में अहम है।
अयोध्या में 13 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों का घेरा
अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा समारोह के अवसर पर लगभग 13 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों का सुरक्षा घेरा होगा। एटीएस कमांडो और जवानों के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और एंटी ड्रोन सिस्टम के जरिये उसे और पुख्ता बनाया गया है। जमीन से लेकर आसमान और सरयू नदी के तटों पर कड़ी नजर होगी।
सीसीटीवी कैमरों के जरिए भी संदिग्धों की निरंतर निगरानी होगी। आईबी व रॉ के अधिकारियों ने भी अयोध्या में डेरा डाल रखा है और कई स्तर पर सुरक्षा प्रबंधों की निरंतर समीक्षा की जा ही है।
मेहमानों की सुरक्षा के लिए बार कोडिंग का प्रयोग
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अत्याधुनिक तकनीक के सहयोग से चप्पे-चप्पे पर नजर रखे जाने का कड़ा निर्देश दिया है। सरयू नदी और उसके घाटों पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के जवान मुस्तैद कर दिए गए हैं। अयोध्या में मेहमानों की सुरक्षा के लिए बार कोडिंग का प्रयोग भी किया जा रहा है।आईजी अयोध्या रेंज प्रवीण कुमार के अनुसार, अयोध्या को रेड व येलो जोन में बांटकर सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित कराए गए हैं। अन्य जिलों के 100 से अधिक पुलिस उपाधीक्षक, लगभग 325 निरीक्षकों और 800 उपनिरीक्षकों को अयोध्या में तैनात किया गया है।मुख्य समारोह से पहले पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 11 हजार जवान तैनात होंगे। वीआईपी सुरक्षा के लिए तीन डीआईजी, 17 एसपी, 40 अपर पुलिस अधीक्षक, 82 पुलिस उपाधीक्षक, 90 निरीक्षक, एक हजार से अधिक आरक्षी और पीएसी की चार कंपनियां तैनात की गई हैं।
रेल सुरक्षा के लिए 250 पुलिस गाइड
Security in Ayodhya: रेल सुरक्षा के लिए भी विशेष प्रबंध किए गए हैं। जीआरपी में अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। अतिथियों के साथ व्यवहार को लेकर पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। उसी के लिए 250 पुलिस गाइड तैनात किए गए हैं।सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से पूरे शहर की निगरानी की जा रही है। निजी प्रतिष्ठानों व मकानों में लगे 1500 सीसीटीवी कैमरे आइटीएमएस (इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंंट सिस्टम) से जोड़े गए हैं।
यलो जोन में 10,715 स्थानों पर संदिग्धों की पहचान के लिए एआई आधारित बड़ी स्क्रीन लगाई गई हैं, जो आईटीएमएस से जुड़ी हैं।ओएफसी लिंक कैमरे भी लगाए गए हैं। 12 एंटी ड्रोन सिस्टम के माध्यम से रेड और येलो जोन को सुरक्षित किया गया है। पांच किलोमीटर की परिधि में उड़ने वाले किसी भी ड्रोन को लोकेट कर निष्क्रिय किया जा सकता है।


